राँची, 16 जून, 2011-मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने कहा कि विकास के मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बरदाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों को निदेशित किया कि वे सूबे की विकास योजनाओं को ससमय पूरी पारदर्शिता के साथ कार्यान्वित कराएँ। उन्होेंने विभिन्न विभागों के अगले अगस्त माह तक के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करने का निदेश देते हुए कहा कि अगस्त माह के अंत में अथवा सितंबर माह के पहले सप्ताह में वे स्वयं विभागों के लक्ष्य प्राप्ति की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा आज श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान (स्कीपा) के सभागार में उप मुख्यमंत्री द्वारा श्री सुदेश महतो एवं श्री हेमन्त सोरेन के साथ विभिन्न विभागों की योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग की किसी भी योजना के कार्यान्वयन में कोई परेशानी हो तो तत्काल इसे विकास आयुक्त के संज्ञान में लाएँ। उन्होंने कहा कि स्वीकृत योेजना उद्व्यय के अनुसार समानुपातिक रूप से भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति होनी चाहिए। अतएव संबंधित विभागीय पदाधिकारी त्वरित रूप से योजनाओं के कार्यान्वयन को गति प्रदान करें।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि केन्द्र सरकार के स्तर से यदि किसी योजना का क्लीयरेंस अथवा निधि उपबंध की आवश्यकता हो तो पहले पदाधिकारियों के स्तर से अनौपचारिक रूप संे समन्वय स्थापित करंे ताकि विकास आयुक्त के स्तर से अधिकारियों की टीम बनाकर अनुवर्ती कार्रवाई की जाय एवं सरकार के स्तर से केन्द्र के पास प्रस्ताव दिया जाय। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अपनी योजनाओं के संबंध में केन्द्र सरकार की योजनाओं एवं विभिन्न राज्यों की समरूप योजना का अध्ययन कर अपनी योजनाओं में नए आयामों के समावेश का प्रस्ताव दे ताकि आगामी पंचवर्षीय योजना में बहुउद्देशीय तत्वों को शामिल किया जा सकंे ।
उप मुख्यमंत्री श्री सुदेश महतो एवं श्री हेमन्त सोरेन ने भी विभागों की प्रगति की समीक्षा की। इस मौके पर विकास आयुक्त श्री देवाशीष गुप्त, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा॰ डी॰ के॰ तिवारी, गृह सचिव जे॰ बी॰ तुबिद, विŸा सचिव श्री सुखदेव सिंह, योजना एवं विकास विभाग श्री अविनाश कुमार, सहित सभी विभागों के प्रधान सचिव/सचिव उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग की किसी भी योजना के कार्यान्वयन में कोई परेशानी हो तो तत्काल इसे विकास आयुक्त के संज्ञान में लाएँ। उन्होंने कहा कि स्वीकृत योेजना उद्व्यय के अनुसार समानुपातिक रूप से भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति होनी चाहिए। अतएव संबंधित विभागीय पदाधिकारी त्वरित रूप से योजनाओं के कार्यान्वयन को गति प्रदान करें।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि केन्द्र सरकार के स्तर से यदि किसी योजना का क्लीयरेंस अथवा निधि उपबंध की आवश्यकता हो तो पहले पदाधिकारियों के स्तर से अनौपचारिक रूप संे समन्वय स्थापित करंे ताकि विकास आयुक्त के स्तर से अधिकारियों की टीम बनाकर अनुवर्ती कार्रवाई की जाय एवं सरकार के स्तर से केन्द्र के पास प्रस्ताव दिया जाय। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अपनी योजनाओं के संबंध में केन्द्र सरकार की योजनाओं एवं विभिन्न राज्यों की समरूप योजना का अध्ययन कर अपनी योजनाओं में नए आयामों के समावेश का प्रस्ताव दे ताकि आगामी पंचवर्षीय योजना में बहुउद्देशीय तत्वों को शामिल किया जा सकंे ।
उप मुख्यमंत्री श्री सुदेश महतो एवं श्री हेमन्त सोरेन ने भी विभागों की प्रगति की समीक्षा की। इस मौके पर विकास आयुक्त श्री देवाशीष गुप्त, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा॰ डी॰ के॰ तिवारी, गृह सचिव जे॰ बी॰ तुबिद, विŸा सचिव श्री सुखदेव सिंह, योजना एवं विकास विभाग श्री अविनाश कुमार, सहित सभी विभागों के प्रधान सचिव/सचिव उपस्थित थे।
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