Saturday, July 23, 2011

आर्थिक स्वावलम्बन का आधार है देशज हुनर

राष्ट्रीय खादी मेले में बोले श्री मुंडा
26/12/10 - मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने कहा कि देशज हुनर, विकास, परम्परागत कौशल ही आर्थिक स्वावलम्बन का आधार है। उन्होनंे कहा कि महात्मा गाँधी के ग्राम स्वराज की अवधारणा भी गाँवों की सत्ता, संसाधनों पर लोक स्वामित्व एवं ग्रामीण उद्यमिता के विकास के जरिए सहकारी आधार पर संतुलित विकास पर आधारित है। वे आज स्थानीय मोरहाबादी मैदान में राष्ट्रीय खादी, हस्तशिल्प एवं सरस मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि समेकित ग्रामीण विकास को चुनौती मानकर राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराया है। सूबे की 4423 पंचायतें अपने 53207 जन प्रतिनिधियों के जरिए अपने विकास का माॅडल तय करेंगी एवं ग्राम-स्वराज के सपनों को साकार करेंगी।

पंचायतों के विकास के परंपरागत तकनीक एवं कौशल विकास की भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री श्री अर्जून मुण्डा ने कहा कि समेकित रूप से कृषि, बागवानी, पशुपालन एवं जल प्रबंधन की योजनाओं को स्थानीय तौर पर धरातल पर लाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं को सक्रिय होना है। बांस, लाह, बेंत, घास, वनौषधि, फल-फूल, मधु, जैविक खेती, हर्बल उत्पादों की दिशा में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ इन परंपरागत कौशलों के मूल्यवर्द्धन एवं वाणिज्यिक प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने कहा कि इन क्षेत्रों के लिए बेहतर प्रबंधन जरूरी है ताकि बिचैलियों की कोई भूमिका न हो और वैश्विक अर्थव्यवस्था और बाजार का लाभ सीधे परंपरागत शिल्पी/उद्यमी को मिले। उन्होंने कहा कि पंचायत की मौलिक अवधारणा के अनुरूप सरकार परंपरागत हूनरों के विकास सहित गाँव के लोगों को उनके हक-हूकूक दिलाने के लिए संकल्पित है।

उन्होंने कहा कि जल-प्रबंधन आज सबसे बड़ी चुनौती है परंतु सहकारी प्रबंधन के जरिए सरकार और समाज के द्वारा जल समस्या का निदान संभव है।

मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने कहा कि आर्थिक कुप्रबंध और वितरण व्यवस्था की खामियों के कारण कीमतें बढ़ी हैं। राज्य सरकार इस संबंध में तत्पर है। मँहगाई का लाभ किसानों को नहीं मिलता है इसलिए ग्रामीण गरीबी उन्मूलन के लिए केन्द्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों का समेकित प्रयास जरूरी है।
उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार से लड़ने का संकल्प लिया है और इसके लिए सबों का सहयोग अपेक्षित है। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल मध्य प्रदेश, श्री रामेश्वर ठाकुर तथा उपमुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन विशिष्ट अतिथि के तौर पर सम्मिलित थे।

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