Friday, July 22, 2011

हर किसान को मिले कृषि विकास योजना का लाभ

12-06-11: मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने कृषि एवं गन्ना विकास विभाग के पदाधिकारियों से कहा है कि वे सूबे के हरेक किसान तक सरकार की कृषि-विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। इसके लिए माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा सभी उपायुक्तों को निदेश दिया गया है कि वे स्वयं अपने पर्यवेक्षण में जिला स्तर, अनुमंडल स्तर तथा प्रखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर कृषि विकास के कार्यक्रमों का पर्यवेक्षण करें। उन्होंने कहा कि इन नियंत्रण कक्षों के माध्यम से बीज-वितरण, उर्वरक एवं अन्य उपादानों की उपलब्धतता सुनिश्चित कराया जाना है ताकि अनियमितता या कालाबाजारी की प्राप्त शिकायतों पर तुरन्त कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने कृषि-विकास के कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रखंडों में खुदरा विक्रेताओं के पास बीज उपलब्ध होने के पहले ही यह जरूरी है कि त्रिस्तरीय पंचायती राय के प्रतिनिधियों, जनसेवक और पंचायत सेवक को इसकी जानकारी हो ताकि इच्छुक किसान मानक गुणवत्ता वाली बीजों का उपयोग कर सकें।
उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों की निगरानी के लिए विभागीय स्तर से एक राज्यस्तरीय दल बनाने का निदेश है जिसके सदस्यों को जिले आवंटित किये गये हैं। वे संबंधित उपायुक्तों के साथ समन्वय कर प्रतिदिन राज्य मुख्यालय को रिपोर्ट देंगे। पारदर्शिता के लिए नई बीज नीति में ही यह प्रावधान किया गया है कि बीज आपूर्तिकत्र्ताओं के द्वारा बीज की पैकिंग के लिए प्रयुक्त बोरों पर स्पष्ट रूप से ’’झारखण्ड सरकार द्वारा अनुदानित बीज ’’ लिखा होना चाहिए। इसके अलावे बीज विक्रेता को अपने सूचना-पट्ट पर सरकार से मिलनेवाली अनुदान राशि तथा प्रभेदवार बीज का मूल्य दर प्रदर्शित करना है।
उन्होंने कहा कि कृषि एवं गन्ना विकास विभाग के द्वारा इस खरीफ मौसम के लिए जिलावार बीज उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इस बार अच्छे मानसून के आसार भी बन रहे हैं। अतएव राज्य के किसान भाईयों से अपील है कि वे सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे गुणवत्तायुक्त अनुदानित बीज का प्रयोग कर राज्य को खाद्यान्न सुरक्षा के दृष्टिकोण से उन्नत राज्यों में शुमार करें साथ ही बीज वितरण में यदि कोई कठिनाई आये तो तुरन्त संबंधित पदाधिकारियों को इसकी सूचना दें।

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