Thursday, July 28, 2011

हुनर से मिलेगा रोजगार

23-07-2011 : अठारह से पच्चीस वर्ष के युवाओं को पर्यटन उद्योग में रोजगार के सम्भावनाओं के बाबत सरकार प्रशिक्षण दिलवायगी। मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने इस हेतु आइएसएम पुन्दाग में होटल प्रबंधन, कैटरिंग टेक्नालाजी फूड-डाफ्ट एवं अन्य संबंधित विषयों से संबंधित छः- आठ सप्ताह के अल्पावधि के प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाने के पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर सहमति दी है। मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा कल 24 जुलाई 2011 को केन्द्रीय विश्वविद्यालय, ब्राम्बे में हुनर से रोजगार कार्यक्रम की शुरूआत करेंगे।
इसके लिए 18 से 25 आयु वर्ष के कम-से-कम आठवीं कक्षा उत्तीर्ण युवा पात्र होंगे एवं एक सत्र के लिए 25 से 30 युवाओं का चयन किया जाएगा। प्रशिक्षण व्यय सरकार वहन करेगी। कुशल प्रशिक्षुओं को 1500 रू॰ से 2000 रू॰ तक स्टाइपेन्ड भी दिया जाएगा। सत्र के अन्त में परीक्षा आयोजित की जाएगी एवं सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिए जाने के अलावा सरकार का पर्यटन विभाग सफल अभ्यर्थियों को पर्यटन उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार दिलाने हेतु विशेष रोजगार मेला आयोजित करेगा। पर्यटन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना पर प्रति प्रशिाक्षु सरकार को लगभग नौ हजार से बारह हजार रूपये का व्यय होगा। इसमें स्टाइपेन्ड, यूनिफार्म, लंच, कोर्स मैटेरियल सहित प्रशिक्षण का व्यय शामिल है।

दुमका-रामपुरहाट पथ का शिलान्यास

आधारभूत संरचना  के लिए बजट में अतिरिक्त राशि  : अर्जुन मुण्डा
दुमका, 28 जुलाई 2011 : माननीय मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा और राज्य समन्वय समिति के अध्यक्ष सह माननीय सांसद श्री शिबू सोरेन ने दुमका-रामपुरहाट पथ के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। करीब 62 करोड़ रूपये की लागत से 50.4 कि0मी0 लम्बे इस पथ का जीर्णोद्धार कार्य दो वर्ष के भीतर पूरा किया जायेगा।
दुमका-रामपुरहाट मुख्यपथ पर अवस्थित शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत बरमसिया गांव में आयोजित शिलान्यास समारोह में राज्य के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, कृषि मंत्री श्री सत्यानन्द झा बाटुल, शिकारीपाड़ा विधायक श्री नलिन सोरेन सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सड़क, बिजली, सिंचाई, कृषि आदि क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने के लिए राज्य के बजट में अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि आवागमन की बेहतर सुविधा और व्यापार व रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संताल परगना सहित राज्य के सभी प्रमंडलों की जर्जर पथों को दुरूस्त करने का कार्य प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार को डुमरी-देवघर-दुमका-रामपुरहाट को नेशनल हाईवे में शामिल कर इस पथ के जीर्णोद्धार करने का आग्रह किया है लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा झारखण्ड सरकार के इस प्रस्ताव को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनांे से जर्जर पथों का जीर्णोद्धार के साथ गोविन्दपुर साहेबगंज पथ का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। गंगा में पुल निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है।

माननीय मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम्य अभियंत्रण संगठन (आर.ई.ओ.) के नियंत्राधीन बरमसिया - रघुनाथपुर पथ को पथ निर्माण विभाग के अधीन कर उसके शीघ्र जीर्णोद्धार की दिशा में कार्रवाई प्रारम्भ करने का निदेश दिया गया। उन्होंने आम जनता से पथों के चैड़ीकरण और निर्माण कार्य में सरकार को सहयोग देने की अपील की। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत अब दस हजार रूपये की जगह पर पन्द्रह हजार रूपये उपलब्ध कराया जाएगा। गरीब की बेटी भी समाज में पढ़ लिखकर आगे बढ़े एवं आत्मसम्मान के साथ जी सके इके लिए सरकार उनके जन्म के समय से लगातार छः वर्षों तक 5000/-प्रति वर्ष बैंक में जमा करने की योजना पर कार्य कर रही है। सरकार निश्चित समय सीमा में जनता के कार्यों के निष्पादन की योजना भी बना रही है। इसके अन्तर्गत निहित समय सीमा में कार्य नहीं होने पर संबंधित अधिकारी आर्थिक दंड के भागी बनेंगे।
माननीय मुख्यमंत्री श्री मुण्डा ने कहा कि कृषि के विकास के लिए राज्य सरकार सिंचाई की बेहतर सुविधा मुहैया कराने के प्रति कृतसंकल्प है। उन्हांेने कृषि विभाग को खरीफ फसल के साथ रबी फसल के उत्पादन में भी वृद्धि लाने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व के वर्षों में 2009 में सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों के संबंध में फर्जी रिपोर्ट दिये जाने से किसानों को फसल बीमा योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है। इसलिए सरकार द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को कृषि से संबंधित सही रिपोर्ट देने की चेतावनी दी गयी है।
श्री मुण्डा ने ग्रामीण विद्युतीकरण योजना की चर्चा करते हुए कहा कि कम क्षमता वाला ट्रांसफर्मर लगाये जाने से गांवों में बिजली पहुंचाने का सपना साकार नहीं हो पा रहा है। इसलिए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से उच्च क्षमता का ट्रांसफर्मर गांवों में लगाने का आग्रह किया हैं।
श्री मुण्डा ने इसी क्रम में कहा कि राज्य सरकार राज्य समन्वय समिति के अध्यक्ष सांसद शिबू सोरेन के मार्गदर्शन में राज्य की जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप सभी क्षेत्रों में त्वरित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
समारोह में समन्वय समिति के अध्यक्ष सांसद माननीय शिबू सोरेन ने राज्य सरकार से राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए तेजी से कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने जनता से अपने अधिकार और कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया और कहा कि राज्य सरकार को सभी क्षेत्रांे के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना चाहिए। सिर्फ रांची ही नहीं संतालपरगना सहित सभी क्षेत्रों में समान रूप से जनता की समस्याओं पर सार्वजनिक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य करना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि संताल परगना आदर्श प्रमंडल बनेगा। इस दिशा में पहल शुरू कर दी गयी है। जनसभा को माननीय कषि मंत्री श्री सत्यानन्द झा बाटुल, माननीय विधायक श्री नलिन सोरेन और पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री एन.एन. सिन्हा ने भी संबोधित किया। समारोह में प्रमंडलीय आयुक्त श्री संतोष कुमार, उपायुक्त श्री प्रशांत कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनय कुमार पाण्डेय पुलिस अधीक्षक श्री हेमंत टोप्पो सहित प्रमंडल व जिला के पदाधिकारीगण भी मौजूद थे।      

Wednesday, July 27, 2011

फेसबुक पर उपलब्ध है मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा

RANCHI EXPRESS 02-07-2011
 रांची, झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सूबे के विकास और आम लोगों की कठिनाइयों तथा समस्याओं को समझने के लिए नई तकनीक का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने जहां विकास के मुद्दे पर आम लोगों से अपने ई-मेल के माध्यम से सुझाव मांगे हैं, साथ ही वे फेसबुक पर भी उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा फेसबुक के माध्यम से आम लोगों से जुड़ कर राज्य को वास्तविक समस्याओं को समझने और उसके समाधान की दिशा में लगातार प्रयासरत है।

बताया गया है कि मुख्यमंत्री सचिवालय में अभी एक ऐसा सेंटर विकसित किया जा रहा है, जहां राज्य भर से कोई भी व्यक्ति सीधे फोन पर अपनी समस्या या शिकायत दर्ज करा सकेगा और यह रिकार्ड हो जाएगा। बाद में मुख्यमंत्री खुद इन मामलों पर सीधी कार्रवाई करेंगे। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री और झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी भी सोशल नेटवर्किंग साइट के माध्यम से आमजनों से जुटे हैं। राज्य के जो नेता फेसबुक पर उपलब्ध है, उनमें सबसे अधिक फालोवर बाबूलाल मरांडी के है, जबकि उनके ठीक पीछे भाजपा नेता और पूर्व विधायक सरयू राय हैं। सरयू राय के फेसबुक से 4535 लोग जुड़े हैं। जबकि भाजपा नेता अजय मारू के साथ फेसबुक में 1698 लोग जुड़े हैं। 

उधर, लगातार दो वर्षाेंं से सुखाड़ झेलने के बाद इस बार कई इलाकों में भारी बारिश से उत्पन्न आपदा से निपटने के लिए प्रयासरत झारखंड के आपदा मंत्री गोपाल कृष्ण उर्फ राजा पीटर अपनी जिम्मेवारी को सही तरीके से निपटाने के लिए नई तकनीकी का भरपुर इस्तेमाल कर रहे हैं। आपदा मंत्री विभाग से संबंधित आम लोगों की परेशानियों को समझने के लिए फेसबुक पर उपलब्ध है और फेसबुक पर मिलने वाली शिकायतों के निदान के प्रति भी वे त्वरित कार्रवाई करते हैं। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर आपदा मंत्री सुबह-शाम अपटेड है। राजा पीटर से साइट पर करीब साढ़े तेरह सौ लोग जुड़े हैं। 

इसके अलावा पत्रकार बलवीर दत्त से 401, विष्णु राजगढ़िया से 1439, प्रदीप बलमुचू से 230 लोग जुड़े हैं। केन्द्री मंत्री सुबोधकांत सहाय और राज्य सभा सांसद परिमल नथवाणी भी फेसबुक पर उपलब्ध हैं।

Tuesday, July 26, 2011

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की पहल

श्री अर्जुन मुंडा द्वारा 25.07.2011 को एटीआइ में पत्रकार-सम्मेलन में जारी
सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, सरकार एवं राज्य की जनता के बीच सेतु का कार्य करता है। यह सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों के संबंध में सूचना उपलब्ध कराकर जनजागरूकता उत्पन्न करता है साथ ही कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन एवं पुनर्गठन हेतु फीडबैक प्राप्त करता है।

विभाग की प्रमुख उपलब्धियां
  • विज्ञापनों एवं प्रेस विज्ञप्तियों को आनलाइन जारी किया जा रहा है।
  • सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का अधुनातन सुविधाओं से युक्त सूचना भवन अब कार्यरत है। उक्त सूचना भवन के अढ़ाई तल्लों का इस्तेमाल भारतीय प्रबंधन संस्थान, रांची के द्वारा किया जा रहा है।
  • अच्छी गुणवत्ता की आधिकारिक झारखण्ड डायरी 2011, टेबुल कैलेण्डर, दीवाल कैलेण्डर एवं अपडेट की गई दूरभाष निर्देशिका का प्रकाशन एवं वितरण।
  • इस वित्तीय वर्ष में विभाग के द्वारा सूचना भवन में एक सचिवालय पुस्तकालय की स्थापना प्रस्तावित है। इस सचिवालय पुस्तकालय-सह-राज्य सूचना केन्द्र में डिजीटल लाईब्रेरी की स्थापना की जा रही है। यहां मीडिया, शोधार्थियों एवं आम जनों के प्रयोजनार्थ राज्य सरकार के सभी विभागो के प्रकाशनों, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, महत्वपूर्ण सरकारी नीतियों, संकल्पों इत्यादि को पीडीएफ फारमेट में आनलाईन एवं आफलाईन उपलब्ध रखा जाना है। इसके अतिरिक्त झारखण्ड राज्य से संबंधित महत्वपूर्ण पुस्तकं, जरनल सहित एक आडियो-वीडियो संग्रह भी उक्त पुस्तकालय-सह-वाचनालय में सुलभ रहेगा। इस हेतु चालू विŸाीय वर्ष में 25.00 लाख रूपये की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गयी है।
  • देश के ख्यातिलब्ध संस्थानों में जनसंचार का अध्ययन करने वाले झारखण्ड राज्य के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना प्रारम्भ की गयी है। विŸाीय वर्ष 2010-11 के दौरान देश के महत्वपूर्ण जनसंचार सस्थानों में अध्ययनरत निम्नाकित विद्यार्थियों को उनके ट्यूशन फीस में सहायता के रूप में छात्रवृति प्रदान की गयी है:-
  • वित्तीय वर्ष 2010-11 में हेतु छात्रवृति अन्तर्गत चयनित विद्यार्थियों/संस्थानों एवं राशि की विवरणी:-
भारतीय जन संचार संस्थान ( सत्र 2010-11), नई दिल्ली के विद्यार्थी
  1. श्री राजेश प्रसाद, हिन्दी पत्रकारिता, 9500.00
  2. श्री रमेश कुमार, हिन्दी पत्रकारिता, 9500.00
  3. सुश्री वर्षारानी तिर्की, हिन्दी पत्रकारिता, 19000.00
  4. श्री विवेक मोहन, विज्ञापन एवं जनसम्पक, 13250.00
  5. श्री मानु मेहता, अंगे्रजी पत्रकारिता, 9500.00
  6. श्री प्रवल भारद्वाज, रेडियो एवं टीवी पत्रकारिता, 21000.00
सत्यजित रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, कोलकाता के विद्यार्थी
  1. श्री निरजन कुमार कुजूर निर्देशन एवं पटकथा लेखन, 26625.00
  2. श्री अनुज कुमार, फिल्म एडीटिंग, द्वितीय सत्र, 8100.00
कुल योग- 1,16,475.00
  • जनहित के मुद्दों पर शोध आधारित प्रकाशनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग के द्वारा शोध एवं अन्वेषण की योजना प्रारम्भ की गयी है। इसके लिए विभागीय समिति गठित कर अखबारों में विज्ञापन देकर प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई थी। गठित विभागीय समिति ने कुल 26 आवेदकों का चयन फेलोशिप प्रदान करने हेतु किया है। प्रत्येक फेलोशिप हेतु 50,000 रू॰ की राषि प्रदान की जानी है। इस हेतु पंद्रह लाख रू॰ का प्रावधान किया गया है।
  • मीडिया फेलोशिप हेतु चयनित पत्रकार एवं उनका शोध-विषय-
    1. अनुपमा कुमारी- पंचायती राज और महिला सशक्तिकरण
    2. आलोका- झारखण्ड में मनरेगा का महत्व
    3. अनंत - हजारीबाग में लतिका का सामाजिक संघर्ष
    4. योगेश्वर राम - पंचायत व्यवस्था में ग्राम सभा की भूमिका
    5. आशिषी कुमार सिन्हा - बिरहोर समुदाय की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली
    6. ओमप्रकाश पाठक - ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य अधिसंरचना
    7. रूपक कुमार - झारखंड में जैव-विविधता और जीविकापार्जन
    8. सुरेन्द्र लाल सोरेन - कचड़ा चुननेवाले बच्चों के बेहत्तर भविष्य की संभावन
    9. सर्वजीत - झारखंड में सूचना का अधिकार
    10. प्रशांत जयवर्द्धन - वन प्रबंधन और पारंपरिक नियम
    11. नदीम अख्तर - झारखण्ड राज्य में कृषि में तकनीक का इस्तेमाल
    12. महेश्वर सिंह छोटु - आदिम जनजाति पहाडि़या कल आज और काल
    13. नौशाद आलम - झारखण्ड में समुदायिक वन प्रबंधन की प्रासंगिकता
    14. संजय श्रीवास्तव - झारखण्ड के विकास में संसदीय राजनीति का योगदान
    15. शैली खत्री - राँची में बच्चों के विकास की स्थिति ।
    16. प्रशांत झा - तसर सिल्क उद्योग और इससे जुड़े लोगों की स्थिति
    17. कुमार संजय - बच्चों के भोजन और पोषण का अधिकार
    18. विकास कुमार सिन्हा - झारखण्ड के पर्यटन स्थलों की स्थिति व विकास।
    19. तनवी झा - झारखंड में समुदाय आधरित स्वास्थ्य सेवा
    20. अमित कुमार झा - नेशनल गेम्स आयोजन से झारखण्ड में खेल प्रतिभाओं का उदय।
    21. चन्दो श्री ठाकुर - राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का सामुदायिक परिदृश्य
    22. संजय कृष्ण - ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर महिला पलायन का असर
    23. सलाउद्दीन- हजारीबाग में एड्स का विस्तार एवं नियंत्रण
    24. शैलेश कुमार सिंह - स्वर्णिम झारखंड में नक्सलवाद का अंत
    25. पंकज त्रिपाठी - राज्य में बिजली की स्थिति, समस्या और समाधान।
    26. शक्तिधर पांडेय - लोक स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में समुदाय की भूमिका।
  • उत्कृष्ट योग्यता एवं प्रभाव वाले आलेखों को प्रकाशित करने वाले पत्रकारों को नगद पुरस्कार की योजना भी प्रारम्भ की गयी है। इसके लिए विज्ञापन प्रकाशित कर प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई है। इस हेतु भी समिति का गठन कर लिया गया है। समिति की बैठकें भी आयोजित हो चुकी है। इस हेतु दस लाख रू॰ का प्रावधान किया गया है।
  • सामुदायिक रेडियो कार्यक्रम के माध्यम से प्रचार प्रसार हेतु सामुदायिक रेडियो केन्द्रों का संस्थापन एवं संचालन कराये जाने की योजना के तहत पचास लाख रू॰ की स्वीकृति दी गई है। इसके प्रथम चरण में राँची विष्वविद्यालय को सामुदायिक रेडियो हेतु बीस लाख रू॰ उपलब्ध कराये जा रहे है। इस हेतु संताल परगना में भी सामुदायिक रेडियो स्टेषन का संस्थापन एवं संचालन के प्रयास किये जा रहे हैं।
  • राज्य मुख्यालय राँची में प्रेस क्लब हेतु स्थानीय बूटी रोड में आइएमए भवन के पास राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को भूमि स्थानांतरित कर दी गई है। उक्त भूमि को दी रांची प्रेस क्लब राँची को लीज पर स्थानांतरित करने एवं भवन निर्माण हेतु प्राविधित पचीस लाख रू॰ की धनराशि राँची प्रेस क्लब राँची को उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
  • पारंपरिक संचार माध्यमों, यथा गीत नाट्य के जरिए आम जनता को उनके स्थानीय भाषा में सरकारी कार्यक्रमों से अवगत कराने एवं प्रचार - प्रसार के निमित्त दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमण्डल, राँची में 38, उत्तरी छोटानागपुर प्रमण्डल, हजारीबाग में 13 एवं संताल परगना प्रमण्डल, दुमका में 15 निजि सांस्कृतिक दलों का चयन का पैनल निर्माण किया गया है। पलामू प्रमण्डल, एवं कोल्हान प्रमण्डल, में चयन की कार्रवाई की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में 1765 गीत नाट्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में कुल 2430 गीत नाट्य कार्यक्रमों के आयोजन का लक्ष्य रखा गया है।
  • दुमका से विभागीय पत्रिका ‘‘ होड़ - सोम्बाद ‘‘ का नियमित संताली भाषा में प्रकाशन किया जा रहा है। ‘‘ होड़ - सोम्बाद ‘‘ के पुराने अंको का डीजीटलाईजेशन किया जा रहा है। राँची से प्रकाशित पत्रिका ‘‘ आदिवासी ‘‘ का प्रकाशन भी नये कलेवर में शीघ्र ही किया जाना है। आदिवासी के पुराने अंकों का भी डीजीटलाईजेशन किये जाने की योजना है। इसके अतिरिक्त विभाग के द्वारा ‘‘ झारखण्ड - बढ़ते कदम ‘‘ का नियमित प्रकाशन एवं वितरण किया जा रहा है।
  • वित्तीय वर्ष 2010-11 के दौरान कुल 167 मेला एवं प्रदर्शनी विभाग के द्वारा आयोजित की गई जिनके माघ्यम से जिलों में विभिन्न महत्वपूर्ण अवसरों पर प्रचार-प्रसार किया गया।
  • चालू वित्तीय वर्ष में मुख्यालय एवं प्रमण्डल स्तर पर मीडिया, जनसंचार, विकास जैसे विषयों पर सेमिनार, सिम्पोजियम एवं वर्कशाप आयोजित करने हेतु पचीस लाख रू॰ की स्वीकृति दी गई है।
  • विगत 34 वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान ‘‘ झारखण्ड - दि लैन्ड आफ कलर्स ‘‘ शीर्षक से स्मारिका प्रकाशित की गई एवं झारखण्ड - 75 रिमारकेबल फैक्टस शीर्षक से बुकलैट का प्रकाशन किया गया।

Monday, July 25, 2011

26 पत्रकारों को मीडिया फेलोशिप

रांची, 25 जुलाई 2011: झारखंड सरकार ने 26 पत्रकारों को 50-50 हजार रुपये की मीडिया फेलोशिप की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने आज संवाददाता सम्मेलन में चयनित पत्रकारों की सूची जारी की। जनहित के मुद्दों पर शोध आधारित प्रकाशनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग के द्वारा शोध एवं अन्वेषण की योजना प्रारम्भ की गयी है। इसके लिए विभागीय समिति गठित कर अखबारों में विज्ञापन देकर प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई थी। गठित विभागीय समिति ने कुल 26 आवेदकों का चयन फेलोशिप प्रदान करने हेतु किया है। प्रत्येक फेलोशिप हेतु पचास हजार रू॰ की राषि प्रदान की जानी है।

चयन समिति में डा॰ रमेश शरण (स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग, रांची विश्वविद्यालय), श्री चंदन मिश्र (ब्यूरो प्रमुख, दैनिक हिन्दुस्तान), डा॰ विष्णु राजगढि़या (ब्यूरो चीफ, नई दुनिया), श्री विजय पाठक (स्थानीय सम्पादक, प्रभात खबर), श्री सुमन श्रीवास्तव (ब्यूरो प्रमुख, दी टेलीग्राफ), श्री अरविन्द मनोज कुमार सिंह (सहायक क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू), श्री राजीव लोचन बख्शी (संयुक्त सचिव, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग) तथा श्रीमती स्नेहलता एक्का (उप निदेशक, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग) शामिल है।

मीडिया फेलोशिप हेतु चयनित पत्रकार एवं उनका शोध-विषय-
1. अनुपमा कुमारी- पंचायती राज और महिला सशक्तिकरण
2. आलोका- झारखण्ड में मनरेगा का महत्व
3. अनंत - हजारीबाग में लतिका का सामाजिक संघर्ष
4. योगेश्वर राम - पंचायत व्यवस्था में ग्राम सभा की भूमिका
5. आशिषी कुमार सिन्हा - बिरहोर समुदाय की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली
6. ओमप्रकाश पाठक - ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य अधिसंरचना
7. रूपक कुमार - झारखंड में जैव-विविधता और जीविकापार्जन
8. सुरेन्द्र लाल सोरेन - कचड़ा चुननेवाले बच्चों के बेहत्तर भविष्य की संभावन
9. सर्वजीत - झारखंड में सूचना का अधिकार
10. प्रशांत जयवर्द्धन - वन प्रबंधन और पारंपरिक नियम
11. नदीम अख्तर - झारखण्ड राज्य में कृषि में तकनीक का इस्तेमाल
12. महेश्वर सिंह छोटु - आदिम जनजाति पहाडि़या कल आज और काल
13. नौशाद आलम - झारखण्ड में समुदायिक वन प्रबंधन की प्रासंगिकता
14. संजय श्रीवास्तव - झारखण्ड के विकास में संसदीय राजनीति का योगदान
15. शैली खत्री - राँची में बच्चों के विकास की स्थिति ।
16. प्रशांत झा - तसर सिल्क उद्योग और इससे जुड़े लोगों की स्थिति
17. कुमार संजय - बच्चों के भोजन और पोषण का अधिकार
18. विकास कुमार सिन्हा - झारखण्ड के पर्यटन स्थलों की स्थिति व विकास।
19. तनवी झा - झारखंड में समुदाय आधरित स्वास्थ्य सेवा
20. अमित कुमार झा - नेशनल गेम्स आयोजन से झारखण्ड में खेल प्रतिभाओं का उदय।
21. चन्दो श्री ठाकुर - राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का सामुदायिक परिदृश्य
22. संजय कृष्ण - ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर महिला पलायन का असर
23. सलाउद्दीन- हजारीबाग में एड्स का विस्तार एवं नियंत्रण
24. शैलेश कुमार सिंह - स्वर्णिम झारखंड में नक्सलवाद का अंत
25. पंकज त्रिपाठी - राज्य में बिजली की स्थिति, समस्या और समाधान।
26. शक्तिधर पांडेय - लोक स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में समुदाय की भूमिका।

झारखंड मीडिया फेलोशिप

यह खासकर युवा एवं गंभीर मीडियाकर्मियों एवं शोधकर्ताओं के लिए एक अनूठा अवसर है।
THEME
The topic chosen should be related to various Development related issues of Jharkhand including distinct culture, social welfare, tribal welfare, issues related to women and children, rural/urban development, industry, employment opportunities, sustainable development in Jharkhand etc.
The Fellowship covers a diverse range of issues in the social development from environment, livelihoods, public health, women and child Welfare, social Welfare, gender issues, human trafficking, Panchayati Raj Institutions, trade and development, traditional local self development, Communication scenario, indigenous Tribal languages, Traditional medicine and its practice, Customary and Traditional laws and their impact on community forest management (CFM) and joint forest management (JFM), Watershed management, Women, livelihood and governance, Conservation as a livelihood, Agricultural from non-cash to cash crops, Livelihood strategies linked to biodiversity of Jharkhand etc.
It may cover a wide range of issues of importance to the common people of Jharkhand, their battle for a better life and development related issues including community health, nutrition, education, social protection, livelihood security, local governance, peace and justice, gender equity, legal rights including right to food, right to information, right to education, consumer rights, forest rights etc.
We welcome proposals that uncover and illustrate topical issues and contemporary debates in any of these fields. The final output must combine research and reportage with background, perspective, analysis, and when appropriate, views and information from experts.

सरकार को पारदर्शी बनाया जाएगा

रांची, 25-07-2011 : झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने राज्य में मुंडा सरकार के गठन के बाद अपने तरह के पहले मीडिया से बातचीत में अपनी सरकार की उपलब्धियों और कार्याक्रमों की विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि सरकार को पारदर्शी बनाया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं भी किसी प्रकार का भ्रष्टाचार हो सके. उन्होंने उर्जा बचत के लिए आज यहां राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीएफ़एल योजना की घोषणा की और कहा कि राज्य सरकार मीडिया के माध्यम से सभी विकास कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण सोशल ऑडिटिंग कराएगी.

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीएफ़एल योजना प्रारंभ करने की घोषणा की. मुंडा ने बताया कि राज्य सरकार इस अभिनव योजना में सीधे सभी पंचायतों को बिजली बल्ब के स्थान पर रोशनी के लिए सीएफ़एल ट्यूब प्रदान करेगी.

इन सीएफ़एल ट्यूबों पर सरकार ग्रामीण पंचायतों को 85 प्रतिशत सब्सिडी देगी. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की सभी विकास योजनाओं का खाका मीडिया के माध्यम से जनता के समक्ष रखा जाएगा, जिससे इनका सामाजिक अंकेक्षण हो सकेगा. मुंडा ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार सभी विकास कार्यों को जवाबदेही के आधार पर पूरा करने पर जोर दे रही है.

उनकी सरकार मुख्यमंत्री के कार्यों को भी मीडिया के माध्यम से पारदर्शी ढंग से जनता के सामने रखेगी और लोगों के सुझावों का समावेश कर सभी कार्यों को पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जाएगा.उन्होंने कहा कि झारखंड के गठन के बाद राज्य की सरकार और नेतृत्व के प्रति आम लोगों में देश में विश्वसनीयता का संकट रहा है लेकिन उनकी सरकार जनता की विश्वसनीयता की कसौटी पर हर स्तर पर खरा उतरने का प्रयास कर रही है.

Brambey