श्री अर्जुन मुंडा द्वारा 25.07.2011 को एटीआइ में पत्रकार-सम्मेलन में जारी
सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, सरकार एवं राज्य की जनता के बीच सेतु का कार्य करता है। यह सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों के संबंध में सूचना उपलब्ध कराकर जनजागरूकता उत्पन्न करता है साथ ही कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन एवं पुनर्गठन हेतु फीडबैक प्राप्त करता है।
विभाग की प्रमुख उपलब्धियां
सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, सरकार एवं राज्य की जनता के बीच सेतु का कार्य करता है। यह सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों के संबंध में सूचना उपलब्ध कराकर जनजागरूकता उत्पन्न करता है साथ ही कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन एवं पुनर्गठन हेतु फीडबैक प्राप्त करता है।
विभाग की प्रमुख उपलब्धियां
- विज्ञापनों एवं प्रेस विज्ञप्तियों को आनलाइन जारी किया जा रहा है।
- सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का अधुनातन सुविधाओं से युक्त सूचना भवन अब कार्यरत है। उक्त सूचना भवन के अढ़ाई तल्लों का इस्तेमाल भारतीय प्रबंधन संस्थान, रांची के द्वारा किया जा रहा है।
- अच्छी गुणवत्ता की आधिकारिक झारखण्ड डायरी 2011, टेबुल कैलेण्डर, दीवाल कैलेण्डर एवं अपडेट की गई दूरभाष निर्देशिका का प्रकाशन एवं वितरण।
- इस वित्तीय वर्ष में विभाग के द्वारा सूचना भवन में एक सचिवालय पुस्तकालय की स्थापना प्रस्तावित है। इस सचिवालय पुस्तकालय-सह-राज्य सूचना केन्द्र में डिजीटल लाईब्रेरी की स्थापना की जा रही है। यहां मीडिया, शोधार्थियों एवं आम जनों के प्रयोजनार्थ राज्य सरकार के सभी विभागो के प्रकाशनों, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, महत्वपूर्ण सरकारी नीतियों, संकल्पों इत्यादि को पीडीएफ फारमेट में आनलाईन एवं आफलाईन उपलब्ध रखा जाना है। इसके अतिरिक्त झारखण्ड राज्य से संबंधित महत्वपूर्ण पुस्तकं, जरनल सहित एक आडियो-वीडियो संग्रह भी उक्त पुस्तकालय-सह-वाचनालय में सुलभ रहेगा। इस हेतु चालू विŸाीय वर्ष में 25.00 लाख रूपये की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गयी है।
- देश के ख्यातिलब्ध संस्थानों में जनसंचार का अध्ययन करने वाले झारखण्ड राज्य के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना प्रारम्भ की गयी है। विŸाीय वर्ष 2010-11 के दौरान देश के महत्वपूर्ण जनसंचार सस्थानों में अध्ययनरत निम्नाकित विद्यार्थियों को उनके ट्यूशन फीस में सहायता के रूप में छात्रवृति प्रदान की गयी है:-
- वित्तीय वर्ष 2010-11 में हेतु छात्रवृति अन्तर्गत चयनित विद्यार्थियों/संस्थानों एवं राशि की विवरणी:-
- श्री राजेश प्रसाद, हिन्दी पत्रकारिता, 9500.00
- श्री रमेश कुमार, हिन्दी पत्रकारिता, 9500.00
- सुश्री वर्षारानी तिर्की, हिन्दी पत्रकारिता, 19000.00
- श्री विवेक मोहन, विज्ञापन एवं जनसम्पक, 13250.00
- श्री मानु मेहता, अंगे्रजी पत्रकारिता, 9500.00
- श्री प्रवल भारद्वाज, रेडियो एवं टीवी पत्रकारिता, 21000.00
- श्री निरजन कुमार कुजूर निर्देशन एवं पटकथा लेखन, 26625.00
- श्री अनुज कुमार, फिल्म एडीटिंग, द्वितीय सत्र, 8100.00
कुल योग- 1,16,475.00
- जनहित के मुद्दों पर शोध आधारित प्रकाशनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग के द्वारा शोध एवं अन्वेषण की योजना प्रारम्भ की गयी है। इसके लिए विभागीय समिति गठित कर अखबारों में विज्ञापन देकर प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई थी। गठित विभागीय समिति ने कुल 26 आवेदकों का चयन फेलोशिप प्रदान करने हेतु किया है। प्रत्येक फेलोशिप हेतु 50,000 रू॰ की राषि प्रदान की जानी है। इस हेतु पंद्रह लाख रू॰ का प्रावधान किया गया है।
- मीडिया फेलोशिप हेतु चयनित पत्रकार एवं उनका शोध-विषय-
1. अनुपमा कुमारी- पंचायती राज और महिला सशक्तिकरण
2. आलोका- झारखण्ड में मनरेगा का महत्व
3. अनंत - हजारीबाग में लतिका का सामाजिक संघर्ष
4. योगेश्वर राम - पंचायत व्यवस्था में ग्राम सभा की भूमिका
5. आशिषी कुमार सिन्हा - बिरहोर समुदाय की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली
6. ओमप्रकाश पाठक - ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य अधिसंरचना
7. रूपक कुमार - झारखंड में जैव-विविधता और जीविकापार्जन
8. सुरेन्द्र लाल सोरेन - कचड़ा चुननेवाले बच्चों के बेहत्तर भविष्य की संभावन
9. सर्वजीत - झारखंड में सूचना का अधिकार
10. प्रशांत जयवर्द्धन - वन प्रबंधन और पारंपरिक नियम
11. नदीम अख्तर - झारखण्ड राज्य में कृषि में तकनीक का इस्तेमाल
12. महेश्वर सिंह छोटु - आदिम जनजाति पहाडि़या कल आज और काल
13. नौशाद आलम - झारखण्ड में समुदायिक वन प्रबंधन की प्रासंगिकता
14. संजय श्रीवास्तव - झारखण्ड के विकास में संसदीय राजनीति का योगदान
15. शैली खत्री - राँची में बच्चों के विकास की स्थिति ।
16. प्रशांत झा - तसर सिल्क उद्योग और इससे जुड़े लोगों की स्थिति
17. कुमार संजय - बच्चों के भोजन और पोषण का अधिकार
18. विकास कुमार सिन्हा - झारखण्ड के पर्यटन स्थलों की स्थिति व विकास।
19. तनवी झा - झारखंड में समुदाय आधरित स्वास्थ्य सेवा
20. अमित कुमार झा - नेशनल गेम्स आयोजन से झारखण्ड में खेल प्रतिभाओं का उदय।
21. चन्दो श्री ठाकुर - राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का सामुदायिक परिदृश्य
22. संजय कृष्ण - ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर महिला पलायन का असर
23. सलाउद्दीन- हजारीबाग में एड्स का विस्तार एवं नियंत्रण
24. शैलेश कुमार सिंह - स्वर्णिम झारखंड में नक्सलवाद का अंत
25. पंकज त्रिपाठी - राज्य में बिजली की स्थिति, समस्या और समाधान।
26. शक्तिधर पांडेय - लोक स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में समुदाय की भूमिका।
- उत्कृष्ट योग्यता एवं प्रभाव वाले आलेखों को प्रकाशित करने वाले पत्रकारों को नगद पुरस्कार की योजना भी प्रारम्भ की गयी है। इसके लिए विज्ञापन प्रकाशित कर प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई है। इस हेतु भी समिति का गठन कर लिया गया है। समिति की बैठकें भी आयोजित हो चुकी है। इस हेतु दस लाख रू॰ का प्रावधान किया गया है।
- सामुदायिक रेडियो कार्यक्रम के माध्यम से प्रचार प्रसार हेतु सामुदायिक रेडियो केन्द्रों का संस्थापन एवं संचालन कराये जाने की योजना के तहत पचास लाख रू॰ की स्वीकृति दी गई है। इसके प्रथम चरण में राँची विष्वविद्यालय को सामुदायिक रेडियो हेतु बीस लाख रू॰ उपलब्ध कराये जा रहे है। इस हेतु संताल परगना में भी सामुदायिक रेडियो स्टेषन का संस्थापन एवं संचालन के प्रयास किये जा रहे हैं।
- राज्य मुख्यालय राँची में प्रेस क्लब हेतु स्थानीय बूटी रोड में आइएमए भवन के पास राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को भूमि स्थानांतरित कर दी गई है। उक्त भूमि को दी रांची प्रेस क्लब राँची को लीज पर स्थानांतरित करने एवं भवन निर्माण हेतु प्राविधित पचीस लाख रू॰ की धनराशि राँची प्रेस क्लब राँची को उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
- पारंपरिक संचार माध्यमों, यथा गीत नाट्य के जरिए आम जनता को उनके स्थानीय भाषा में सरकारी कार्यक्रमों से अवगत कराने एवं प्रचार - प्रसार के निमित्त दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमण्डल, राँची में 38, उत्तरी छोटानागपुर प्रमण्डल, हजारीबाग में 13 एवं संताल परगना प्रमण्डल, दुमका में 15 निजि सांस्कृतिक दलों का चयन का पैनल निर्माण किया गया है। पलामू प्रमण्डल, एवं कोल्हान प्रमण्डल, में चयन की कार्रवाई की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में 1765 गीत नाट्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में कुल 2430 गीत नाट्य कार्यक्रमों के आयोजन का लक्ष्य रखा गया है।
- दुमका से विभागीय पत्रिका ‘‘ होड़ - सोम्बाद ‘‘ का नियमित संताली भाषा में प्रकाशन किया जा रहा है। ‘‘ होड़ - सोम्बाद ‘‘ के पुराने अंको का डीजीटलाईजेशन किया जा रहा है। राँची से प्रकाशित पत्रिका ‘‘ आदिवासी ‘‘ का प्रकाशन भी नये कलेवर में शीघ्र ही किया जाना है। आदिवासी के पुराने अंकों का भी डीजीटलाईजेशन किये जाने की योजना है। इसके अतिरिक्त विभाग के द्वारा ‘‘ झारखण्ड - बढ़ते कदम ‘‘ का नियमित प्रकाशन एवं वितरण किया जा रहा है।
- वित्तीय वर्ष 2010-11 के दौरान कुल 167 मेला एवं प्रदर्शनी विभाग के द्वारा आयोजित की गई जिनके माघ्यम से जिलों में विभिन्न महत्वपूर्ण अवसरों पर प्रचार-प्रसार किया गया।
- चालू वित्तीय वर्ष में मुख्यालय एवं प्रमण्डल स्तर पर मीडिया, जनसंचार, विकास जैसे विषयों पर सेमिनार, सिम्पोजियम एवं वर्कशाप आयोजित करने हेतु पचीस लाख रू॰ की स्वीकृति दी गई है।
- विगत 34 वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान ‘‘ झारखण्ड - दि लैन्ड आफ कलर्स ‘‘ शीर्षक से स्मारिका प्रकाशित की गई एवं झारखण्ड - 75 रिमारकेबल फैक्टस शीर्षक से बुकलैट का प्रकाशन किया गया।
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