Friday, July 22, 2011

हर जरूरतमंद को मिले जनजातीय विकास योजनाओं का लाभ

राँची, 16 जून, 2011-मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने कहा कि जनजातीय विकास की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ हरेक जरूरतमंद आदमी प्राप्त करें तभी उनकी सार्थकता है। इसके लिए उन्होंने सरकार के सभी विभागों द्वारा चलाए जा रहे जनजातीय लोगों के कल्याण एवं विकास के कार्यक्रमों से संबंधित विवरणियाँ व्यक्तिगत रूप से ग्राम-पंचायतों के मुखिया एवं ग्राम - सभाओं को उपलब्घ कराए जाने का निदेश दिया। मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा आज स्थानीय श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान के सभागार में आयोजित झारखण्ड जनजातीय परामर्शदातृ परिषद की नौवीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
म्ुाख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने कहा कि जनजातीय बसावटों की रक्षा, उनके प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और उनके देशज हुनर को तकनीक से जोड़कर और उनके वैश्विक बाजार उपलब्ध कराया जाना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास के किसी भी क्षेत्र में उपेक्षा, लापरवाही और शिथिलता अक्षम्य है। उन्होेंने कहा कि यह समय जिम्मेदारियों से भागने का नहीं वरन जिम्मेवारी लेने और पूरी जबाबदेही के साथ जनजातीय विकास कार्यक्रमों के कार्यान्वयन का है।

उन्होंने कहा कि जल जंगल जमीन अर्थात- संपूर्ण अर्थतंत्र और सामाजिक जीवन के समन्वय को ध्यान में रखते हुए पुर्नवास कमजोर वर्गो के सशक्तिकरण, कुपोषण, कुरीतियों के विरूद्व संघर्ष एवं जनजातीय युवाओं के स्वरोजगार से संबंधित जनजातीय उपयोजना के कार्यक्रमों की समीक्षा कर जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर के सुधार का आकलन करना होगा। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में किए जा रहे उद्व्यय, प्राप्त राजस्व एवं बजट को ध्यान में रखते हुए मानव विकास सूचकांक की समीक्षा का निदेश दिया।

उन्होंने
कहा कि संवेदनशील सहभागिता के साथ ठोेस अध्ययन के आधार पर राज्य के जनजातीय क्षेत्रों की विशिष्ट भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक संरचना के परिप्रेक्ष्य में अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के लिए जनजातीय परामर्शदातृ समिति गठित है। इसलिए हमें सूदूर ग्रामीण क्षेत्रों तथा वन भूमि में आवासित जनजातीय परिवारों की सुरक्षा और उनके नैसर्गिक अधिकारो की रक्षा के संबंध में निश्चित समय सीमा के भीतर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जनजातीय मामलों में संबंधित कतिपए न्याय-निर्णयों पर विचार हेतु जनजातीय परामर्शदातृ समिति के अन्तर्गत एक उप समिति बनाई जाएगी जो राज्य के लिए वैधानिक उपबंधो के निर्माण अथवा संशोधन के लिए सरकार को सुझाव देगी। बैठक के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार, कल्याण, गृह एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा संचालित जनजातीय कल्याण की योजनाओं लक्ष्यों एवं उपलब्ध्यिों को मल्टीमीडया के माध्यम से दर्शाया गया जिस पर समिति के सदस्यों ने सुझाव दिए।

उप
मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने भी उपस्थित परामर्शदातृ समिति के माननीय सदस्यों के सुझावों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए श्री चंपई सोरेन, मंत्री कल्याण विभाग -सह उपाध्यक्ष परामर्शदातृ समिति ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों की योजनाओं के कार्यान्वयन में स्थानीय संस्कृति, परिवेश और सामाजिक मूल्यों का ध्यान रखे जाने की जरूरत है।
उक्त बैठक में झारखण्ड जनजातीय परामर्शदातृ परिषद के माननीय सदस्य स॰ वि॰ स॰ श्री लोविन हेम्ब्रम, श्री बड़कुँवर गगराई, श्री बंधु तिर्की, श्री नीलकंठ सिंह मुण्डा, श्री चमरा लिंडा, श्रीमती गीताश्री उराँव, श्रीमती सीता सोरेन सहित अन्य माननीय सदस्यगण एवं मुख्य सचिव श्री एस॰ के॰ चैधरी, विकास आयुक्त श्री देवाशीष गुप्त, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा॰ डी॰ के॰ तिवारी, विŸा सचिव श्री सुखदेव सिंह, प्रधान सचिव, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग श्री आदित्य स्वरूप, गृह सचिव जे॰ बी॰ तुबिद सहित सभी विभागों के प्रधान सचिव उपस्थित थे।

No comments:

Post a Comment