Saturday, July 23, 2011

नियत समय पर प्रोन्नति देने का निर्देश

राँची, 22 जून, 2011-मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुण्डा ने राज्य के कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों को नियत समय पर प्रोन्नति नहीं दिये जाने को काफी गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि अगले दो माह में राज्य के सभी संवर्ग/सेवाओं के लंबित प्रोन्नति के मामलों का निष्पादन किया जाय। इस विषय की साप्ताहिक समीक्षा मुख्य सचिव अपने स्तर पर करेंगे।
उन्होंने कहा कि हजारों कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों की प्रोन्नतियाँ कुछ पदाधिकारियों के कारण बाधित नहीं होनी चाहिए। ऐसे पदाधिकारी जिनकी स्वच्छता निगरानी विभाग द्वारा क्लीयर नहीं की जा सकती है, मात्र उनकी सूची प्रत्येक छः माह में निगरानी विभाग द्वारा संबंधित विभाग को प्रेषित की जानी चाहिए और शेष मामलों में कर्मियों की प्रोन्नति लंबित नही रखी जानी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के विरूद्व चार्जशीट दायर हो तो संबंधित विभाग को निश्चित ही सूचना रहनी चाहिए, क्योंकि विभाग के द्वारा अभियोजन स्वीकृति के पष्चात् ही आरोप पत्र तैयार हो सकता है। इस बारे में संबंधित विभाग का उत्तरदायित्व भी निर्धारित रहना चाहिए।
यदि चारित्री की अनुपलब्धता के कारण कोई प्रोन्नति बाधित होती है तो वैसे कर्मियों का स्पेशल ए॰ सी॰ आर॰ लिखवा कर प्रोन्नति पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायलय के ‘‘ जानकी रमण ‘‘ वाद के न्याय -निर्णय के आलोक में यह सुनिश्चित करने का निदेष दिया है कि बगैर किसी कारण के किसी की प्रोन्नति नहीं रूकनी चाहिए। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के उक्त फैसले के क्रम में निगरानी स्वच्छता से संबंधित परिपत्र में संषोधन की आवष्यकता की समीक्षा किये जाने का निदेष दिया।
इसी प्रकार कालावधि या रोस्टर क्लीयरेंस के मामलों का तत्काल निष्पादन कार्मिक विभाग के स्तर से किये जाने का निर्देश दिया गया है।

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